Monday, February 23, 2015

pk Logic
pk धार्मिक अंधविश्वासों को तोड़कर वापस जब अपने ग्रह पर
चला जाता है तब वो अपने पुराने लम्हों को याद करता है उसे
अधूरापन सा महसूस होता है क्यों की pk के गृह पर लोग एक
दूसरे से बिना भाषा , बिना बोले मन से बात कर लेते हैं - तो pk
का दिमाग ठनकता है वो सोचता है जब हम सब बिना भाषा के
मन से ही बात क्र सकते है तो भगवान ने हमे मुंह , वाक
इन्द्रिय , बोलने की शक्ति दी ही क्यों ? pk बोलता है ई
तो wrong number है सच का पता लगाने धरती पर वापस
जाना होगा शायद ध्यान से सभी मत को जाना नहीं मैंने । तब pk
वापस नग्न अवस्था में आता है लेकिन इस बार landing
पाकिस्तान में होती है - pk देखता है की इस जगह तो नजारा कुछ
और ही है - इस जगह के लोगो को एक ही भगवान है सब एक
जैसे हैं तब वो सोचता है की इस बार मजा आएगा ।
pk हर जगह ऊँचे ऊँचे गुम्बद देखकर हैरान परेशान - जहाँ पर
अल्लाह हु अकबर की गुंजायमान किन्तु फटी हुयी सी आवाज
सुनता है ।
तब pk एक मौलाना जी के पास मस्जिद में जाता है और पूछता है
की - आप अल्लाह हु अकबर क्यों बोलते हो ?
मौलाना - इसका मतलब अल्लाह बड़ा है
pk - अल्लाह कहाँ रहता है ?
मौलाना - अल्लाह जन्नत में रहते हैं ।
pk - अल्लाह जन्नत में रहते हैं तो जन्नत अल्लाह से
बड़ी हुयी ? अल्लाह बड़ा कैसे हुआ ? ई wrong number है ?
मौलाना (गुस्से में ) - काफिर पाक मस्जिद से निकल जा ।
तभी pk के पीछे कई लोग मारने को भागते हैं pk डर जाता है ।
pk कोनो फिरकी ले रहा है ससुरा इधर तो जान की आफत बन आई
- तभी एक लड़की शकीना (शक्कू) pk से मिलने आती है - और उसे
बोलती है की उसने pk और मौलाना की बातें सुन
ली थी वो बड़ी impress हुयी है ।
लड़की pk को पूछती है तुम्हारा नाम क्या है ?
नाम तो कुछ नहीं लेकिन पता नहीं ससुरा लोग कहे काफिर काफिर
चिल्लाते हैं ।
ई काफ़िर का क्या मतलब है ?
शक्कू - इस्लाम मजहब में जो मुहम्मद साहब , अल्लाह पर
ईमान नही लता उसे काफिर बोलते हैं ।
pk - अल्लाह पर इमान तो ठीक है मुहम्मद साहब पर क्यों ?
क्या बिना मुहम्मद साहब पर ईमान लाये अल्लाह को नही जान
सकते ? अगर ऐसा है तो अल्लाह से बडे तो मुहम्मद साहब
हुए ? फिर अल्लाह पर ईमान क्यों ? ई wrong number है ।
pk के इतने सवालो से शक्कू परेशां हो जाती है ।
फिर अगली बार pk जाकिर नायक के show में पहुँचता है
तो वो जाकिर से कई सवाल पूछता है - जाकिर बोलता है
की इस्लाम ग्रहण कर लो फिर सभी सवाल का जवाब मिलेगा ।
pk - ठीक है ।।
जाकिर - ये कलमा पढ़ो और तुम मुसलमान बन जाओगे फिर तुम्हे
जन्नत में 72 हूरें मिलेगी ।। यही बात जाकिर वह कई
लड़को को कहता है लेकिन लड़कियों को सिर्फ कलम पढकर
मुस्लिम बनाता है ।
pk - सोचते हुए - लड़को को 72 हरे मिलेगी लेकिन जाकिर
साहब इन लड़कियो को क्या मिलेगा जन्नत में ? और कलमा पढ़ने
से अगर मैं मुसलमान हो जाऊंगा तो क्या मोहम्मद साहब ने
कलमा पढ़ा था ? उनके पिताजी ने ?
और जानवर कहाँ जाएंगे ? जन्नत या दोजख में ? ई wrong
number है ?
जाकिर - देखो तुम्हे जन्नत में दिल बहलाने वाली हमउम्र हूरे ,
शराब की नदिया , ऐशो आराम मिलेंगे इस्लाम कबूल लो ।
pk - फिर जन्नत और ई दुनिया मा का फर्क हुआ ई सब
इहां भी मिल जायेगा ।।
जाकिर - देखो जन्नत हमेशा के लिए अनंत समय के लिए ।।
pk - इ का बात हुयी ? ससुरा अल्लाह एसन कैसे कर सकता है ?
क्या आपने कभी देखा है की थोड़े से पैसे invest किये और अनंत
पैसा मिल गया या थोडा सा पेट्रोल गाड़ी में डाला और
गाड़ी हमेशा के लिए चलने लगी ?
जाकिर - देखो मुसलमान बनकर अच्छे काम करोगे तो हमेशा के
लिए जन्नत मिल जायेगी ।
pk - इ का बात हुयी क्या काफिर अच्छे कर्म करके भी दोजख
जायेंगे ? और सीमित कर्म का फल अल्लाह असीमित देगा ? जब
दुनिया में आये है तो दुनिया से जाना भी सभी को पड़ता है -
दुनिया में जन्म या आने की शुरुआत है तो मारना , जाना भी निश्चित
हुआ - तो फिर जन्नत में भी आने शुरुआत के साथ वापस
जाना भी तो निश्चित होगा हमेशा कैसे सम्भव है ?
जाकिर - देखो तुम इस्लाम कबूल करोगे तो अल्लाह तुम्हारे सरे
गुनाह माफ़ कर देंगे ।।
pk - देखो ई wrong नम्बर है - अगर ऐसा है तो का मैं तुम्हे
मारकर एक पाप और करके जन्नत जा सकता हूँ ? क्यों की तुम्हे
भी मरने के बाद जन्नत मिल जायेगी ?
जाकिर - बाहर निकालो इस काफिर को , तू जहन्नुम में
ही सड़ेगा हमेशा के लिये , पापी इंसान ।।
pk के पीछे लोग भागते हैं मारने को लेकिन pk बच जाता है ।।
तभी pk एक घर में देखता है की एक बच्चे का जन्म हुआ है और
उस बच्चे को मुसलमान बनाने के लिए उसकी सुन्नत की जा रही है
-
pk - चिल्लाते हुए उस घर में जाता है - ठप्पा मिल गया - pk
जाकर पूछता है की आप ऐसा क्यों करते हो ?
घर के लोग कहते हैं - की मुसलमान बनाने के लिए ।।
pk - ये तो इंसान बन के आया है आप मुसलमान क्यूँ बना रहे
हो ?
मुल्ला - अरे अल्लाह का आदेश है सुन्नत करने के लिए - इस
चमड़ी की जरूरत नहीं
pk- इ का बात हुयी ससुरा - जब अल्लाह का आदेश है
तो साला permanent काटके ही क्यूँ नहीं भेजा ? इसे
बनाया ही क्यूँ जब इसकी जरूरत नहीं ? अल्लाह बेकार , बिना काम
की चीजें कैसे बना सकता है ?
मुल्ला - अब्दुल , हारून , अहमद ,रजिया ,शकील .........५०
बच्चो के नाम लेकर बोलता है तलवारें लाओ इस काफिर
को यहीं खत्म कर दो
pk - का इत्ता बच्चा आपके हैं ?
मुल्ला - हाँ और आज तुझे यही ख़त्म कर देंगे
pk - साला भारत में तो लोग population control करने के
लिए condom का use करते थे (पहली मूवी में office
की घटना को याद करके बोलता है )
ससुरा इ जगह तो सभी wrong number की और जा रहे है
pk - इतने बच्चे काहे condom का use नाही ??
मुल्ला (imotional होकर ) - अल्लाह ताला देता है ||
pk - का ?? अल्लाह के पास ज्यादा है क्या ? जब अल्लाह
देता है तो sasura sex करने की का जरूरत है ??
pk के पीछे मुसलमानों की भीड़ मारने को दौड़ती है - pk
समझता है यहाँ से भाग लेना ही सही है नहीं तो मारकर
ही छोड़ेंगे - फिर pk अपने ग्रह पर ही वापस चला जाता है - और
pk को एक ही बात का दुःख था की वो अपने सवाल का जवाब
नहीं ढूँढ़ पाया ||

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