लोकमत मे दयानन्द (भाग १)
✅नेताजी सुभाषचन्द्र बोस - स्वामी दयानन्द उन महापुरुषों मे
से थे जिन्होंने आधुनिक भारत का निर्माण किया और उसके आचार
संबंधि पुनुरुत्थान तथा धार्मिक पुनरुद्धार के कारण हुए.
✅डां रवीन्द्रनाथ ठाकुर - मैं आधुनिक भारत के मार्गदर्शक उस
दयानन्द को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं जिसने देश
को पतितावस्था मे सीधे व सच्चे मार्ग का दिग्दर्शन कराया.
✅साधु टी. एल. वासनानी - ऋषि के अप्रतिम ब्रह्मचर्य ,
सत्यसंग्राम और घोर तपश्चर्या के लिए अपने हृदय के पूज्य
भावों से प्रेरित होकर मै उनकी वन्दना करता हूं. .....दयानन्द
उत्कट देशभक्त थे, अत: मै राष्ट्रीय वीर समझ कर
उनकी वन्दना करता हूं .
✅सर यदुनाथ सरकार - जब भारत के उत्थान का इतिहास
लिखा जाएगा तो नंगे फकिर दयानन्द सरस्वती को उच्च आसन पर
बैठाया जाएगा.
✅पंजाब केसरी लाला लाजपत राय - स्वामी दयानन्द मेरे गुरु है .
मै ने संसार मे केवल उन्ही को गुरु माना है. वह मेरे धर्म के
पिता है.
✅देवतास्वरुप भाई परमानन्द - स्वामी दयानन्द उन रौशनी के
मिनारो में से एक है जो संसार को सत्य मार्ग दिखाने के लिए
आते है और भटकते लोगों को मार्ग दिखाकर चले जाते है.
✅प्रसिद्ध फ्रेंच लेखक रोम्याँ रोला - ऋषि दयानन्द ने भारत के
शक्तिशून्य शरीर मे दुर्द्धर्ष शक्ति , अविचलता तथा पराक्रम फूँक
दिये हैं.
✅लौह पुरुष सरदार पटेल - वह देश के विभूति-रुप थे. उन्होंने
आर्य संस्कृति की रक्षा, वेदों का पुनरुद्धार और आर्ष शैली से
प्रचार किया. आर्येत्तर जनों को भी आर्य धर्म मे दीक्षित
हो जाने का अधिकार दिया, यह उनकी विशेषता थी.
✅अनन्तशयनम् अय्यंगार - यदि महात्मा गांधी राष्ट्रपिता है
तो महर्षि दयानन्द राष्ट्रपितामह. महर्षि दयानन्द ने देश
की स्वतंत्रता , विदेशी शासन के निवारण तथा स्वधर्म और
संस्कृति के प्रेम की प्रेरणा और मंत्र दिया . स्वामी जी ने सारे
विश्व को आर्य बनाने की प्रेरणा दी.
✅सर सय्यद अहमद खाँ - स्वामी दयानन्द महान् संस्कृतज्ञ और
वेदज्ञाता थे. वे विद्वान ही नही अपितु एक अत्यन्त श्रेष्ठ पुरुष
भी थे. वे परमहंस के गुणों से विभूषित थे. उन्होंने केवल एक
ज्योतिर्मय निराकार परमेश्वर की अराधना करने की शिक्षा दी .
हमारा स्वामी जी से घनिष्ठ सम्बंध था, और हम उनका आदर करते
थे. वे एेसे विद्वान और श्रेष्ठ व्यक्ति थे कि अन्य
मतावलम्बी भी उनका मान करते थे. वह एेसे पुरुष थे कि जिनके
समान इस समय भारत में नहीं मिल सकता.
✅श्रीमति खदीजा बेगम एम. ए. - महर्षि दयानन्द भारत माता के
उन प्रसिद्ध और उच्च आत्माओं में से थे, जिसका नाम संसार के
इतिहास में सदा चमकते हुए सितारों की तरह प्रकाशित रहेगा. वे
भारत माता के उन सपूतों में से थे कि दिनके व्यक्तित्व पर
जितना भी अभिमान किया जाये थोड़ा है.
✅लाला हरदयाल जी एम. ए. - भारतवर्ष के इतिहास में
स्वामी जी का नाम बड़े सुधारकों की पवित्र श्रेणी में सोने के
अक्षरों से लिखा जायेगा.
✅आनरेबल राजा सर मोतीचन्द्र - मैं आर्यसमाजी नही हूं पर
स्वामी जी को हिन्दू
जाति का रक्षक मानता हूं.
उन्होंने गिरती हुई हिन्दू जाति को बचा लिया. लोगों की आंखें
खोल दीं उनकी बदौलत वेदों का पढ़ना पढाना शुरु हुआ. संस्कृत
और हिन्दी का प्रचार बढ़ गया. प्राचीन संस्कारों को लोग
समझने लगे. हिन्दूओं मे आर्यत्व आ गया. यह प्रकाश दयानन्द-
रुपी सूर्य से मिला है. इसलिए हम लोग सदा उनके अनुगृहित
रहेंगे.
✅महात्मा गांधी - महर्षि दयानन्द के लिए मेरा मन्तव्य है कि वे
हिन्द के आधुनिक ऋषियों मे , सुधारको मे श्रेष्ठ पुरुषों मे एक
थे. उनका ब्रह्मचर्य, उनकी विचार स्वतंत्रता, उनका सबके
प्रति प्रेम, उनकी कार्यकुशलता इत्यादि गुण लोंगों को मुग्ध
करते है. उनके जीवन का प्रभाव हिन्दुस्तान पर बहुत ही पड़ा है.
✅माता कस्तूरबा - स्वामी दयानन्द के जीवन मे सत्य की खोज
दिख पड़ती है इसलिए केवल आर्यसमाजियों के लिए ही नही वरन्
सारी दुनियी के वे पूज्य है.
Monday, February 23, 2015
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