Tuesday, February 17, 2015

इल्लूमिनाती के बारे में एक संक्षिप्त रिपोर्ट(Who are Illuminati)

इल्लूमिनाती (Illuminati) के बारे में एक संक्षिप्त रिपोर्ट 

इल्लूमिनाती क्या है : इल्लूमिनाती दुनिया के सबसे ताकतवर और समर्थ लोगों का एक गुप्त समूह (Secret Society) है जिसके सदस्य दुनिया के बड़े-बड़े राजनीतिज्ञ, बुद्धिजीवी, व्यापारी, बैंकर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, इंजीनियर, लेखक, चिन्तक-विचारक, हथियार निर्माता, दवा निर्माता, टेक्नोलॉजी कम्पनियां हैं !इल्लूमिनाती का लक्ष्य क्या है : इल्लू का लक्ष्य दुनिया पर राज करना व दुनिया को अपने इशारों पर चलाना है, दूसरी भाषा में कहें तो दानवों की तरह पूरी दुनिया को जीतना व उनपर अपना साम्राज्यस्थापित करना जैसा की पहले भी सिकंदर तथा कुछ रोमन व इस्लामिक आक्रमणकारी करने की कोशिश कर चुकेहैं जिन्हें कुछ हद तक सफलता भी मिली थी लेकिन कुछ गलतियों की वजह से वो दुनिया पर राज करने के अपने लक्ष्य में सफल नहीं हो पाए थे और इल्लू उन सब की गलतियों से सबक लेकर काम कर रहा है जो उसकी सफलता का सबसे बड़ा कारण है !आखिर इल्लूमिनाती जैसा संगठन बनाने के पीछे कारण क्या हो सकता है : विश्व-विजय (Master Race) ! दुनिया में कुछ ऐसे लोग होते हैं जिनका दिमागी स्तर सामान्य मनुष्य से कहीं ज्यादाहोता है, इस कारण उनकी सोच उनके कार्य उनका तरीका भी दुनिया से कुछ हटकर होता है, इल्लूमिनाती केसंस्थापक लोग भी इसी श्रेणी के हैं जिनकी ‘सोच वहां से शुरू होती है जहां से सामान्य मनुष्य सोचना बंद कर देते हैं’ उनकी इसी सोच और दुनिया पर राज करने की लालसा ने उन्हें इस ओर प्रेरित किया कि वो पूरे इतिहास से सबक लेते हुए एक ऐसा संगठन तैयार करें जो पूर्ववर्तियों जैसी गलतियाँना करे तथा बड़े ही सुनियोजित व गुप्त तरीके से उन्हें उनके लक्ष्य की ओर ले जा सके, इल्लूमिनातीके सदस्यों ने जिन्होंने इसे खड़ा किया था जब उन्होंने देखा कि धरती के सभी प्राणी अपनी-अपनी धुन में मस्त हैं, किसी का दुनिया से कोई लेना देना नहीं है, सभी कुछ बड़ा सोचने या करने के बजाय अपने रोजमर्रा के काम में लगे-लगे ही जिन्दगी गुजार दे रहे हैं तो उन्होंने योजनायें भी ऐसी बनायी जो मनुष्यों के पारम्परिक जीवन को प्रभावित किये बिना (अगर करे भी तो उन्हें एहसास ना होने पाए) उन्हें उनके लक्ष्य की ओर ले जाय !इल्लूमिनाती का दुनिया पर प्रभाव क्या है : इल्लूमिनाती का प्रभाव जानना हमारे लिए कोई ज्यादा कठिन नहीं है, क्योंकि आज इसका प्रभाव मनुष्य के पैदा होने से लेकर मरने तक तथा खाने से लेकर पीने तक है, आप लोगों ने इतिहास की किताबें पढ़ी होंगी जिसमें कई सभ्यताओं का जिक्र मिलता है जैसे सुमेरियन सभ्यता, माया सभ्यता, सिन्धु घाटी की सभ्यता (भारतीय सभ्यता), ईरानी सभ्यता, मेसोपोटामियन सभ्यता, पूर्व की बौद्ध सभ्यता आदि इसी तरह की अन्य कई सभ्यताएं थीं जिनका आज अगर हम अस्तित्व ढूंढें तो शायद ही वो कहीं नजर आयें, जानते हैं मित्रों वो सब कहाँ गयीं क्योंकि हमने भी किताबों में ही पढ़ा है ‘सतही तौर पर सभ्यतायें जरुर मिट जाया करती हैं लेकिन उनका अस्तित्व कभी नहीं मिटता, वो किसी ना किसी रूप में मौजूद ही रहतीं है, लेकिन इसके उलट इल्लूमिनाती ने सफलतापूर्वक दुनिया की एक एक सभ्यता को जड़ से मिटा दिया, आज दुनिया के लगभग कई देश जिनमें हमारा भारत भी शामिल है अगर वो अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो ये इल्लूमिनाती का ही प्रभाव है !इल्लूमिनाती की ताकत क्या है : किसी जमाने में धरती पर राज करने के लिए सबसे जरुरी ताकत तेज दिमाग के साथ सिर्फ ‘हिंसा’ हुआ करती थी जिसके अंतर्गत राजा व सम्राट दूसरे देशों पर आक्रमण करके बलपूर्वक उन्हें अपना गुलाम बनाकर अपना राज स्थापित कर लेते थे लेकिन इस जमाने में अगर दुनिया पर राज करना है तो तेज दिमाग के साथ दो जरुरी ताकतों का होना बहुत जरुरी है ‘हिंसा और पैसा’ जिसे इल्लूमिनाती बखूबी समझता है इसलिए उसने अपने मुख्य हथियारों में मात्र हिंसा ही नहींपैसा भी रखा हुआ है जिसके पीछे पूरी दुनिया दौड़े इल्लू ने ऐसी मुद्रा प्रणाली को जन्म दिया है !इल्लूमिनाती इतना खतरनाक क्यों है : दरअसल इल्लूमिनाती कोई भी प्लान छोटी अवधि का या अचानक नहींबनाता बल्कि इतिहास की हर घटना से सबक लेकर व भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए ही अपनी योजना तैयार करता है जो उसकी सफलता का सबसे बड़ा राज है और उसके इसी गुण के कारण आजतक लोगों को किसी ऐसी ताकत की मौजूदगी का आभास नहीं हो पाया, दुनिया पर राज करने के लिए लोगों को खत्म करना ये सबपुराने फार्मूले हैं, इल्लू अच्छी तरह जानता है अगर लोगों को खत्म करना है तो उनकी संस्कृति, सभ्यता व परम्परा को खत्म कर दो लोग खुद बा खुद खत्म हो जायेंगे, साम्राज्यवाद के समय में दुनिया के कई देशों का बंटवारा इल्लूमिनाती की योजना का ही परिणाम थे, इल्लूमिनाती लोगों को अगरप्रत्यक्ष रूप से मारता भी है तब भी दुनिया को आभास नहीं हो पाता, धरती पर जिन रोगों का किसी भीप्राचीन चिकित्सा शास्त्र में दूर-दूर तक कहीं कोई जिक्र नहीं मिलता पर अब वो अस्तित्व में आ चुके हैं, ये जितने भी नये रोग आये हैं वे सभी इल्लूमिनाती के डॉक्टरों व वैज्ञानिकों के ही द्वारा निर्मित किये गये हैं जैसे – कुछ नये प्रकार के कैंसर, एड्स, स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू, इबोला आदि जैसे कई जानलेवा रोग हैं जो इल्लू की लैब में ही तैयार करके मनुष्यों तक पहुंचाए गये है जिससे दो उद्देश्य एक साथ पूरे होते हैं एक तो टारगेट पर लिए गये लोगों का खात्मा होता है औरइल्लू ग्रुप की दवाइयों का बाजार खड़ा होता है, नई-नई प्राकृतिक आपदाएं जिनका किसी भी इतिहास मेंकोई जिक्र नहीं मिलता वो सब इल्लू के वैज्ञानिकों ने हार्प (HAARP) टेक्नोलॉजी द्वारा निर्मित किये हैं, जिनका उपयोग वे अपना लक्ष्य साधने में करते है, वर्तमान में जितने भी देशों में युद्ध होते हैं उन सब में कहीं ना कहीं इल्लू के विशेषज्ञों का हाथ होता है जिसे अंजाम देनेका मुख्य कारण इल्लूमिनाती ग्रुप में शामिल हथियार निर्माताओं को फायदा पहुँचाना तथा देशों में फूट डलवाना होता हैइल्लूमिनाती का यहूदियों से क्या कनेक्शन है : यद्यपि इल्लूमिनाती के सदस्य लगभग हर धर्म-सम्प्रदाय में हैं लेकिन इस संगठन पर हमेशा से ही यहूदियों का आधिपत्य रहा है जिसका मुख्यकारण किन्ही अन्य सम्प्रदाय वालों की अपेक्षा दुनिया के हर क्षेत्र में यहूदियों का ज्यादा समर्थ होना है, चाहे वो तकनीकि दुनिया हो, मीडिया जगत हो, बैंकर हों, वैज्ञानिक हों, सबसे ज्यादानोबल विजेता हो, सबसे बड़े व्यापारी हों या सबसे बड़े हथियार निर्माता हों, कुल मिलाकर यहूदियों नेअपने दम पर दुनिया के लगभग हर क्षेत्र में कब्जा कर रखा है, इसलिए दूसरे शब्दों में कहें तो १८वीं शताब्दी से ही इल्लूमिनाती यहूदियों का संगठन है, यहूदी धर्म से निकले हुए मुस्लिम और ईसाईयों को हमारे भारत वालों ने बखूबी झेला है इसलिए उम्मीद करता हूँ वो ये भी जरुर जानते होंगेअब्राह्मिक नस्लें समर्थ होने के बाद दुनिया पर क्या कहर ढाती हैं, हिटलर पागल नहीं था जो लाखोंयहूदियों को मारने की कसमें खाता था उसे अच्छी तरह पता था यहूदियों और उनके आधिपत्य वाले संगठन इल्लूमिनाती के कर्मों के बारे में, दुनिया को शुक्रगुजार होना चाहिए हिटलर का जिसने दुनिया को गुलाम बनने का वक्त थोडा और बढ़ा दिया !..........................

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